Posts

Teen maut || rahul raj renu ||तीन मौत || राहुल राज रेणु || part-1

Image
                                                                 -ःतीन मौतः-                                                                                                        -राहुल राज रेणु    रात का खाना खाने के बाद थोड़ी बहुत खाना बच जाती थी। उस खाने को सुलोचना बाहर बरामदा पर रख जाती थी।    “सुलोचना कटिहार के सबसे धनी लाला का दुलारी बेटी थी। सुलोचना के पिता जी इज्जतदार व्यक्ति थें।उनके घर में तीन ही आदमी का बसेरा रहता.....माँ-पिता जी और सुलोचना।सुलोचना का एक बड़ा भाई बैंगलोर में ईंजीनियर  की पढ़ाई कर रहा है।सुलोचना बी0एस0सी की छात्रा है...

उलझन-3 || Uljhan ||Part -3 ||rahul raj renu|| राहुल राज रेणु

Image
Part -1 link   https://rahulrajrenu.blogspot.com/2019/01/uljhan-rahul-raj-renu.html        part-2 link  https://rahulrajrenu.blogspot.com/2019/02/uljhan-part-2-rahul-raj-renu.html मैं उनके घर पर बहुत कम समय के लिए रुका |बहुत कम समय में उनके घर की बहुत सारी बाते मालुम हो गई ,कुछ उनके पिता ने भी बताया | परिवार अच्छा है ..,किन्तु अब पहले जैसी अमीरी रही नही | राजीव की तरह सादा बोल रखने वाले उनके पिता भी है ,और माँ के संस्कार कों ही राजीव ने अपने जीवन में घोला है |......राजीव अच्छा लड़का है |        दोनों पति-पत्नी की लम्बी बातों और राजीव की सादगी कों देख कर अपर्णा की छोटी बहन अनु कों राजीव बहुत अच्छा लगा | गुप्ता जी ने अपने सगे-सबंधियों से भी इस विषय में बात कियें |    राजीव भले ही कम पैसा वाला है किन्तु उनकी मेहनत और सिखने की चाहत उनको काफी आगे लेकर जा रही है |अपने घर की हालात कों भी ठीक कर दिया है | मेडिकल में काम करने के अलावा तीन-चार नर्शिंग होम में रोगियों कों सुई देने जाता है | अपने अनुभव से काफी गंभ...

उलझन -2 || Uljhan || Part-2 ||rahul raj renu|| राहुल राज रेणु

Image
आपको लगा होगा राजीव बहुत कम पैसा में काम कर रहा है | लेकिन ऐसा कुछ नही है ! काम पर जाने से पहले राजीव ने अपने पिता से बात किया , पिता ने अच्छा   सिख दिया ...बोले है ! मेडिकल में रहने से दौ दवाई का नाम याद हो जाएगी, सुई देने भी सिख जाओगे | भविष्य में अगर मेडिकल वाला काम छुट भी जाए...लेकिन हाथ का कला सब दिन रहेगा | पांच बरस पहले बिल्टा का मुंह से लेर (लार )गिरता था ,कपडा पहनने का होश नही था |आज एक सुई किसी देता है तो   60 रुपया   ले लेता है |              मिला –जुला कर मेडिकल लाइन सही लगा | आदमी पांच हजार महिना देकर भी इतना दवाई-दारू के विषय में नही जान पायेगा |यहाँ तो गुप्ता जी उल्टा ही पैसा मुझे ही देंगे | पहला दिन है काम का....! कोई भारी काम नही लगा सिर्फ दवाई गौदाम , सोनू (पुराना स्टाफ ) के साथ गया , और बाकी समय मेडिकल में बैठ कर रहना था |फिर भी   राजीव ने कोशिश किया एक –दो लोगो की पर्ची पड़ कर दवाई देने का.., लेकिन नही हो पाया ...क्योकि पर्ची पढ नही पाया ,डाक्टरी भाषा में लिखा था |   ...

उलझन || Uljhan ||rahul raj renu|| राहुल राज रेणु

Image
                                                                       || उलझन ||                                                                                                                                                                    -राहुल राज रेणु                            part -2 link  https://rahulrajrenu.blogspo...

D S Collage Katihar |दर्शन साह महाविद्यालय,कटिहार

Image
                                                       दर्शन  साह महाविद्यालय,कटिहार                                                                    (डी0एस0काॅलेज,कटिहार)                                                                                                               -राहुल राज रेणु        दर्शन   साह महाविद्यालय अपने स्थापना काल से ही समस्त बिहार में चर्...

फणीश्वर नाथ रेणु की अनसुनी बातें | Phanishwar Nath Renu Ki Ansuni Baten

Image
                                  राहुल राज रेणु                        फणीश्वरनाथ रेणु                                                                                                              हिंदी कथा-साहित्य शिल्पकार के रूप में महत्वपूर्णं रचनाओं  के निर्मांता आँचलिक साहित्यकार फणीश्वर  नाथ रेणु जी का जन्म, बिहार के मैंला आँचल की धरती औराही हिंगना गाँव जो अररिया जिले , में 4 मार्च 1921 को हुआ।     बचपन का नाम फनेसरा ,दादी ने उनका नाम ऋणुआॅ रखा ,वो इसलिए उनके जन्म के समय कर्ज लेना पड़ा।बाद में इसी नाम को नागार्जूण...

Rahul Raj Renu | Facebook Sad Post | उदारता |गरीबी |लाचार

Image
https://www.facebook.com/rahulrazzrenu108

Teen maut || rahul raj renu ||तीन मौत || राहुल राज रेणु || part-3

Image
         राजीव और सुलोचना सबसे बचते-बचाते हुए धिरे-धिरे घर से निकल गए।दोनों ने रामेश्वर  के घर पर पहुँचकर,दरवाजा जोर से ढकेलने लगा।फिर भी रामेश्वर  नही उठ रहा था।     जब रामेश्वर  उठा तो उसने जोर की आवाजों में कटु वचन बोलने लगा-कौन है ? इतनी रात को निंद खराब करने चले आते है। घर में कोई काम-धन्ना नही मिलता है क्या...?(ऐसा रामेश्वर  जानबुझकर बोल रहा था।) रामेश्वर  दरवाजा खोला....अरे राजीव !इतनी रात को तुम यहाँ..?  हाँ...रामेश्वर  तुम्हें तो आज की बात याद ही होगी...!           कौन सी बात ?(तभी रामेश्वर  की नजर लाल जोड़े से सजी सुलोचना पर गईं) ओ.........!माफ करना मेरे दोस्त।       मैंने तुम्हारे लिए सारी इन्तजाम किया था,मगर सोनु जी ने मुझसे कुछ रूपयें उधार माँग लिए। तुम तो जानते हो ,कोई नाकार नही  सकता और मैं उस वक्त उसे कैसे मना कर सकता था।इस लिए मैंने...............।        अब हम दोनो का क्या होगा दोस्त...! मैं कही दुर भी नहीं जा सकता क्योंकि मेरी...

Teen maut || rahul raj renu ||तीन मौत || राहुल राज रेणु || part-2

Image
(दरअसल राजीव और सुलोचना दसवीं कक्षा में साथ-साथ पढ़े थें।राजीव अपने समय में क्लास में सबसे तेज स्टुडेन्ट था। जानने की बात यह है कि दसवीं में राजीव सुलोचना को  बहुत प्यार करता था और वह अपनी प्यार का इजहार भी सुलोचना के सामने किया था। पार्ट -1  link    https://rahulrajrenu.blogspot.com/2012/06/teen-maut-rahul-raj-renu.html                                लेकिन सुलोचना ने राजीव को यह कहके दिल तोड़ दी थी ,कि तुम्हारे पास कोई भी प्रसानालिटी नही है, इसलिए तुम मेरे लायक कभी हो ही नही सकते हो।    फिर भी राजीव सुलोचना  के प्यार में पागल सा हो गया था। सुलोचना को ये सारी बात मालूम रहती थी।फिर भी उनका मन राजीव की और आकृष्ट नही हो रही थी।  राजीव उस समय से क्लास में रोज नए-नए स्टाईल में नजर आ रहा था।दोस्तों के पीछे भी काॅफी पैंसा उड़ता था।क्लास में वह अब दुर-दुर की बड़ी बातें करता रहता था। ऐसा प्रतीत हो रहा था,जैसे वह बहुत ही अमीर बाप का बेटा हो । फिर भी सुलोचना राजीव के गिरफ्त ...

Teen maut || rahul raj renu ||तीन मौत || राहुल राज रेणु || part-1

Image
                                                                 -ःतीन मौतः-                                                                                                        -राहुल राज रेणु    रात का खाना खाने के बाद थोड़ी बहुत खाना बच जाती थी। उस खाने को सुलोचना बाहर बरामदा पर रख जाती थी।    “सुलोचना कटिहार के सबसे धनी लाला का दुलारी बेटी थी। सुलोचना के पिता जी इज्जतदार व्यक्ति थें।उनके घर में तीन ही आदमी का बसेरा रहता.....माँ-पिता जी और सुलोचना।सुलोचना का एक बड़ा भाई बैंगलोर में ईंजीनियर  की पढ़ाई कर रहा है।सुलोचना बी0एस0सी की छात्रा है...

अधूरा -2 || Adhura -2 || rahul raj renu || राहुल राज रेणु

Image
ज्योति के 12वीं पास होने के बाद से ही उनके लिए रिस्ता बडे़-बडे़ घरों से आने लगी। ज्योति  की शादी  बहुत बडे़ घर मे तय भी हो गईं।लेकिन इस बात को मनोहर नही अनजान   था।ज्योति ,मनोहर को हमेशा  गरीब  और नीच समझती थी।समझेगी क्यों नही क्योकि मनोहर ज्योति कों अपने जीवन की ऊँची डाली पर जो बैठा दिया है | ज्योति  की माँ...मनोहर को अब दूर-दूराने  लगी।लेकिन मनोहर के स्वभाव मे कोई बदलाव नही था,बेचारे को वो दोनों जो छोटी -बड़ी काम कहती ,वो कर कर देता ।आखिर मनोहर तीन साल पहले ज्योति का पड़ोसी भी रह चूका है |  भावना चाची सोचती ....मनोहर ज्योति की शादी  मे अर्चंन डाल सकता है। क्योकि उस पागल कों अपनी बैज्ज्ती का भी पता नही चलता था |इसलिए उनको हटाने की बहुत कोशिश  करने लगी,दोनो माँ-बेटी। लड़के वाले का भी दवाब है की शादी होटल या मंदिर से नही होगी |बात सही ...भावना चाची की इज्जत का सवाल भी है |  परीक्षा मे पास होने के कारण ज्योति आजकल बहुत खुश  रहती थी ।ज्योति आज हाथ मे कुछ   लेते हुए मनोहर के घर को निहारते हुए नजर आ रही थी ।तभ...

अधूरा -1 || Adhura -1 || rahul raj renu || राहुल राज रेणु

Image
                                           ||  अधूरा  ||                                                                                                           - राहुल राज रेणु उनकी माँ बिलख- बिलख कर रो रही थी,पिता घर के एक कोने मे बैठे-बैठे आँसूओं  की धारा बहा रहे थे।बडी बहन मानो जैसे  की वह पागल हो गईं और छोटी ...माँ के आँचल मे आँसू पोछती हुईं पुछा करती...माँ....अ...!मनोहर भैईंया को क्या हुआ....,माँ...वो उठ क्यो न रहे......माँ.....तुम उठाती क्यों नही।माँ भैईंया बोले है...आज हमें बाजार लेकर जाऐगें और टाॅफी खरीदकर देगें।              उस वक्त...अमीत जी के ...